हेलो फ्रेंड्स,
आज का टॉपिक बहुत रोचक और मज़ेदार है, संगीत (Music) का हमारी ज़िन्दगी पर प्रभाव! है न मज़ेदार! तो दोस्तों आज की ज़िन्दगी में मुझे नहीं लगता कोई भी व्यक्ति इस बात से इंकार कर सकता की उसे संगीत पसंद नहीं है, और यह कहे की उसे कोई गाना(Song) अच्छा नहीं लगता या उसका कोई पसंदीदा गायक नहीं है! क्यों सही कहा ना मैने? अरे कुछ लोग तो संगीत को जीते है, सांस लेते है! संगीत हर एक की ज़िन्दगी से जुड़ा हुआ है किसी के लिए मनोरंजन का साधन है तो किसी के लिए रोज़ी रोटी का! कोई इसे सुनकर शांत महसूस करता है तो कोई अपने सारी तकलीफे भुला देता है! कुछ लोग तो इसे अपनी थकान को दूर करने की थेरेपी (therapy) भी मानते है! दूसरे शब्दों में मैं यही कहूँगी संगीत को जो जैसा समझता है उसे वैसा ही महसूस करता है!
अक्सर देखा है की किसी म्यूजिक पर किसी का रिएक्शन उसके पिछले अनुभवों पर निर्भर करता है , अगर किसी सांग(Song) के साथ उनकी कुछ ऐसी यादें जुडी है जिन्हे वह याद नै करना चाहता तो उस सांग को सुन कर वह उदास हो जाते और उसे सुनने की ही इच्छा होती है इसके विपरीत अगर किसी गाने से अच्छी याद जुडी है तो उसे बार बार सुनने की इच्छा होती है और मन भी प्रफुलित हो उठता है! तो देखा ज़िन्दगी पर कैसे असर पड़ता है संगीत का!
संगीत(Music) किसी को कुछ खास संदेसा देने का भी एक अच्छा जरिया है, किसी से अपने दिल की बात करनी हो तो यह एक अच्छा माध्यम है जिसके जरिये हम अपने दिल की बात दुसरे तक पहुंचा सकते है, अपनी भावनाए दूसरे को बता सकते है! इतना ही नहीं, यह हमारे जीवन में रोमांच लाता है!
संगीत(Music) को हम अपने व्यायाम के साथ भी जोड़ सकते हैं ! सुबह सुबह जब हम सुबह की सैर पर जाते है तो एक अच्छा और मधुर संगीत हमें एनर्जी देता है, हम खुश होते है, स्फूर्ति से भरे हुए और प्रसन्न! और इस तरह हम एक्टिव रहते है और ऊर्जावान भी!
आज का टॉपिक बहुत रोचक और मज़ेदार है, संगीत (Music) का हमारी ज़िन्दगी पर प्रभाव! है न मज़ेदार! तो दोस्तों आज की ज़िन्दगी में मुझे नहीं लगता कोई भी व्यक्ति इस बात से इंकार कर सकता की उसे संगीत पसंद नहीं है, और यह कहे की उसे कोई गाना(Song) अच्छा नहीं लगता या उसका कोई पसंदीदा गायक नहीं है! क्यों सही कहा ना मैने? अरे कुछ लोग तो संगीत को जीते है, सांस लेते है! संगीत हर एक की ज़िन्दगी से जुड़ा हुआ है किसी के लिए मनोरंजन का साधन है तो किसी के लिए रोज़ी रोटी का! कोई इसे सुनकर शांत महसूस करता है तो कोई अपने सारी तकलीफे भुला देता है! कुछ लोग तो इसे अपनी थकान को दूर करने की थेरेपी (therapy) भी मानते है! दूसरे शब्दों में मैं यही कहूँगी संगीत को जो जैसा समझता है उसे वैसा ही महसूस करता है!
अक्सर देखा है की किसी म्यूजिक पर किसी का रिएक्शन उसके पिछले अनुभवों पर निर्भर करता है , अगर किसी सांग(Song) के साथ उनकी कुछ ऐसी यादें जुडी है जिन्हे वह याद नै करना चाहता तो उस सांग को सुन कर वह उदास हो जाते और उसे सुनने की ही इच्छा होती है इसके विपरीत अगर किसी गाने से अच्छी याद जुडी है तो उसे बार बार सुनने की इच्छा होती है और मन भी प्रफुलित हो उठता है! तो देखा ज़िन्दगी पर कैसे असर पड़ता है संगीत का!
संगीत(Music) किसी को कुछ खास संदेसा देने का भी एक अच्छा जरिया है, किसी से अपने दिल की बात करनी हो तो यह एक अच्छा माध्यम है जिसके जरिये हम अपने दिल की बात दुसरे तक पहुंचा सकते है, अपनी भावनाए दूसरे को बता सकते है! इतना ही नहीं, यह हमारे जीवन में रोमांच लाता है!
संगीत(Music) को हम अपने व्यायाम के साथ भी जोड़ सकते हैं ! सुबह सुबह जब हम सुबह की सैर पर जाते है तो एक अच्छा और मधुर संगीत हमें एनर्जी देता है, हम खुश होते है, स्फूर्ति से भरे हुए और प्रसन्न! और इस तरह हम एक्टिव रहते है और ऊर्जावान भी!
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